Dashagrama
Author:Laxman Burdak, IFS (R) |
Dashagrama (दशग्राम) is name of a place mentioned by Panini in Ashtadhyayi under Kumudadi (कुमुदादि) (4.2.80.17) group. [1] Dashagrama is mentioned in Rajatarangini[2] Dashagrama (दशग्राम) may be identified with Dachigam (दाचीगाम) in Srinagar.
Mention by Panini
Dashagrama (दशग्राम) is name of a place mentioned by Panini in Ashtadhyayi under Kumudadi (कुमुदादि) (4.2.80.17) group. [3]
Variants
- Dachigam (दाचीगाम)
Jat clans
History
Rajatarangini[4]tells....At this time Alankarachakra was also struck with fear, and he cried out: — ."Where art thou O! Rajaputra," and swiftly fled from Dashagrama. At night fall, the sound of trumpet bespoke an attack, and the noise of the soldiers rose from the village. Bhoja (1111 AD), invisible in darkness, fled ; and Alankarachakra busied himself in making preparations for the battle on the next day.
Identification
Dashagrama (दशग्राम) may be identified with Dachigam in Srinagar. Dachigam National Park is located 22 kms from Srinagar, Jammu and Kashmir, on the east side of Dal Lake. The name of the park literally stands for "ten villages" which is in the memory of the ten villages that were relocated for its formation. These ten villages were living in this region before the World War I the beginning of the early 20th century.
दाचीगम नेशनल पार्क
दाचीगम नेशनल पार्क (Dachigam National Park) - कश्मीरी भाषा में "दाचीगाम" का अर्थ "दशग्राम" है। यह नाम बहुत प्राचीन है। कल्हण की राजतरंगिनी[5] में दशग्राम का उल्लेख किया गया है। पाणिनि की अष्टाध्यायी (4.2.80.17) में दशग्राम का उल्लेख है। इस राष्ट्रीय उद्यान के क्षेत्र में दस गाँव हुआ करते थे, जिन्हें हटाकर यह संरक्षित क्षेत्र बनाया गया। पहाड़ों के बीच स्थित 141 वर्ग किमी एरिया, जिसमें से नदी बहती है, एक आदर्श अभ्यारण्य का नमूना है। इस क्षेत्र का चयन तत्कालीन महाराजा कश्मीर के द्वारा पीने के पानी के स्रोत के रूप में किया गया था। वर्ष 1931 में इसे 'रख' अर्थात गेम सेन्कचुरी घोषित किया गया। वर्ष 1951 में इसे सेन्कचुरी का दर्जा दिया गया। फ़रवरी 1981 में इसे नेशनल पार्क घोषित कर दिया है।
यह राष्ट्रीय उद्यान प्रसिद्ध डल झील के जलग्रहण क्षेत्र का लगभग आधे क्षेत्र पर अपना अधिकार रखता है और आज भी श्रीनगर के निवासियों को स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान पश्चिमी हिमालय की ज़बरवन पर्वतमाला में स्थित है। उद्यान उच्च ऊंचाई वाले शीतोष्ण क्षेत्र में स्थित है। इसकी ऊँचाई 5500 फुट से 14000 फुट तक की है। ऊँचाई में इतनी विविधता के कारण यहाँ हल्की ढलान वाली घासभूमियों से लेकर ऊँची चट्टाने व पहाड़ हैं। उद्यान में पाए जाने वाले मुख्य पेड़ हैं – हिमालयी नम शीतोष्ण सदाबहार, नम पर्णपाती और झाड़ियां, देवदार, चीड़ एवं शाहबलूत (ओक)।
दाचीगाम विशेष रूप से कश्मीरी हंगुल (हिरण) के लिए प्रसिद्ध है। इसके अलावा यहाँ कस्तूरी मृग, हिम तेन्दुआ, हिमालय सराव, कश्मीर धूसर लंगूर, चीता बिल्ली, हिमालयी काला भालू, हिमालय भूरा भालू, गीदड़, पहाड़ी लोमड़ी, हिमालय रासू, जंगली बिल्ली और ऊदबिलाव मिलते हैं। वसंत और शरद ऋतु में नीचले इलाकों में हिमालयी काला भालू दिखाई देता है। सर्दी के मौसम में यह सो जाता है। लंबी पूंछ वाले मार्मोट गर्मी के मौसम में उपरी इलाकों में बहुत देखे जा सकते हैं जबकि चूहे के जैसे खरहे (Mouse Hare) पूरे वर्ष सक्रिए रहते हैं। पक्षियों में तीतर के कोकलास और मोनल, बुलबुल, मिनिवेट, बार्ड वल्चर, सुनहरे चील आम हैं।
In Mahabharata
References
- ↑ V. S. Agrawala: India as Known to Panini, 1953, p.503
- ↑ Kings of Kashmira Vol 2 (Rajatarangini of Kalhana)/Book VIII (ii),p.269
- ↑ V. S. Agrawala: India as Known to Panini, 1953, p.503
- ↑ Kings of Kashmira Vol 2 (Rajatarangini of Kalhana)/Book VIII (ii),p.269
- ↑ Kings of Kashmira Vol 2 (Rajatarangini of Kalhana)/Book VIII (ii) p.269,270.