Kohla: Difference between revisions
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'''10 दिन से लापता प्लेन में सवार सोनीपत के पंकज व पलवल के आशीष समेत 13 वायुसैनिकों की मौत''' | |||
'''अरुणाचल प्रदेश में क्रैश हुए वायु सेना के विमान में सोनीपत के जवान भी शहीद''' | |||
अरुणाचल में 10 दिन पहले क्रैश हुए वायुसेना के एएन-32 विमान में सवार पलवल के फ्लाइट लेफ्टिनेंट आशीष तंवर, सोनीपत के एयर क्राफ्टमैन पंकज, फरीदाबाद के राजेश थापा समेत 13 वायुसैनिकों में से कोई जिंदा नहीं बचा। दुर्घटनास्थल पर हेलिकाप्टर से उतारे गए बचाव दल ने गुरुवार को काफी खोजबीन की। 13 वायुसैनिकों के शव और विमान का ब्लैक बाक्स मिला है। 3 जून को असम के जोरहाट से उड़ान भरने के बाद विमान लापता हो गया था। गत मंगलवार को मलबा अरुणाचल प्रदेश के पश्चिमी सियांग के लिपो गांव से 16 किमी दूर समुद्र तल से 12 हजार फुट की ऊंचाई पर मिला था। विमान में विंग कमांडर जीएम चार्ल्स, स्क्वाड्रन लीडर एच विनोद, फ्लाइट लेफ्टिनेंट, आशीष तंवर, राजेश थापा, एस मोहंती व एम.के. गर्ग, वारंट अफसर के.के. मिश्रा, सार्जेंट अनूप, कारपोरल शेरिन, लीड एयरक्राफ्ट-मैन '''पंकज सांगवान''', एस.के. सिंह के अलावा कर्मचारी पुतली और राजेश सवार थे। | |||
'''देश सेवा के जज्बे के चलते ही वह पहली बार में सभी परीक्षाएं पास कर सेना में भर्ती हो गया था।''' | |||
गोहाना, 13 जून 2019. अरुणाचल प्रदेश में वायु सेना के क्रैश हुए विमान में शहीद हुए [[Kohla|कोहला]] गांव के '''पंकज सांगवान''' ने सेना में अधिकारी बनकर देश सेवा करना का सपना बचपन में ही देख लिया था। 12वीं के साथ सेना में जाने के लिए टेस्ट की तैयारी करता था। लगन और देश सेवा के जज्बे के चलते ही वह पहली बार में सभी परीक्षाएं पास कर सेना में भर्ती हो गया। विमान के उड़ान भरने से एक दिन पहले भी पंकज ने मां से फोन पर काफी देर तक बातचीत की थी। उसने बताया था कि यहां पर मौसम खराब रहता है। मौसम साफ रहा तो वह भी जाएगा। | |||
विमान लापता होने के बाद से मां सुनीता का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्हें उम्मीद थी कि बेटा सकुशल वापस लौटेगा। वायुसेना के अधिकारियों ने सैनिकों के जीवित नहीं होने की सूचना दी तो वह उम्मीद भी टूट गई। इस सूचना के बाद गांव में माहौल गमगीन हो गया। परिवार के सदस्यों को सांत्वना देने के लिए ग्रामीण भी पहुंचे। सभी ने परिवार को हौसला दिया। | |||
'''28 जून को एक माह की छुट्टी पर आना था घर''' : पंकज का परिवार खेती करता है। उन्हें 28 जून को एक माह की छुट्टी पर आना था। पंकज ने कहा था कि छुट्टियां मंजूर हो चुकी हैं। आकर धान की रोपाई भी करा दूंगा। | |||
'''जुलाई 2015 में किया था जॉइन''' : सेना में पंकज को दिसंबर 2014 में जॉइन कराना था, लेकिन उससे पहले अधिक उम्र के जवानों को जॉइन कराना था, इसलिए उसे 7 माह तक इंतजार करना पड़ा था। जुलाई 2015 में जॉइन किया। असम के जोरहाट में उनकी पहली पोस्टिंग थी। | |||
:(दैनिक भास्कर, दिनांक 14 जून 2019) | |||
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Revision as of 07:22, 14 June 2019
Kohla or Kola (कोला/ कोहला) is a village in Gohana tahsil of Sonipat district in Haryana.
Location
Gotras
History
Notable persons
Shaheed Pankaj Sangwan -
10 दिन से लापता प्लेन में सवार सोनीपत के पंकज व पलवल के आशीष समेत 13 वायुसैनिकों की मौत
अरुणाचल प्रदेश में क्रैश हुए वायु सेना के विमान में सोनीपत के जवान भी शहीद
अरुणाचल में 10 दिन पहले क्रैश हुए वायुसेना के एएन-32 विमान में सवार पलवल के फ्लाइट लेफ्टिनेंट आशीष तंवर, सोनीपत के एयर क्राफ्टमैन पंकज, फरीदाबाद के राजेश थापा समेत 13 वायुसैनिकों में से कोई जिंदा नहीं बचा। दुर्घटनास्थल पर हेलिकाप्टर से उतारे गए बचाव दल ने गुरुवार को काफी खोजबीन की। 13 वायुसैनिकों के शव और विमान का ब्लैक बाक्स मिला है। 3 जून को असम के जोरहाट से उड़ान भरने के बाद विमान लापता हो गया था। गत मंगलवार को मलबा अरुणाचल प्रदेश के पश्चिमी सियांग के लिपो गांव से 16 किमी दूर समुद्र तल से 12 हजार फुट की ऊंचाई पर मिला था। विमान में विंग कमांडर जीएम चार्ल्स, स्क्वाड्रन लीडर एच विनोद, फ्लाइट लेफ्टिनेंट, आशीष तंवर, राजेश थापा, एस मोहंती व एम.के. गर्ग, वारंट अफसर के.के. मिश्रा, सार्जेंट अनूप, कारपोरल शेरिन, लीड एयरक्राफ्ट-मैन पंकज सांगवान, एस.के. सिंह के अलावा कर्मचारी पुतली और राजेश सवार थे।
देश सेवा के जज्बे के चलते ही वह पहली बार में सभी परीक्षाएं पास कर सेना में भर्ती हो गया था।
गोहाना, 13 जून 2019. अरुणाचल प्रदेश में वायु सेना के क्रैश हुए विमान में शहीद हुए कोहला गांव के पंकज सांगवान ने सेना में अधिकारी बनकर देश सेवा करना का सपना बचपन में ही देख लिया था। 12वीं के साथ सेना में जाने के लिए टेस्ट की तैयारी करता था। लगन और देश सेवा के जज्बे के चलते ही वह पहली बार में सभी परीक्षाएं पास कर सेना में भर्ती हो गया। विमान के उड़ान भरने से एक दिन पहले भी पंकज ने मां से फोन पर काफी देर तक बातचीत की थी। उसने बताया था कि यहां पर मौसम खराब रहता है। मौसम साफ रहा तो वह भी जाएगा।
विमान लापता होने के बाद से मां सुनीता का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्हें उम्मीद थी कि बेटा सकुशल वापस लौटेगा। वायुसेना के अधिकारियों ने सैनिकों के जीवित नहीं होने की सूचना दी तो वह उम्मीद भी टूट गई। इस सूचना के बाद गांव में माहौल गमगीन हो गया। परिवार के सदस्यों को सांत्वना देने के लिए ग्रामीण भी पहुंचे। सभी ने परिवार को हौसला दिया।
28 जून को एक माह की छुट्टी पर आना था घर : पंकज का परिवार खेती करता है। उन्हें 28 जून को एक माह की छुट्टी पर आना था। पंकज ने कहा था कि छुट्टियां मंजूर हो चुकी हैं। आकर धान की रोपाई भी करा दूंगा।
जुलाई 2015 में किया था जॉइन : सेना में पंकज को दिसंबर 2014 में जॉइन कराना था, लेकिन उससे पहले अधिक उम्र के जवानों को जॉइन कराना था, इसलिए उसे 7 माह तक इंतजार करना पड़ा था। जुलाई 2015 में जॉइन किया। असम के जोरहाट में उनकी पहली पोस्टिंग थी।
- (दैनिक भास्कर, दिनांक 14 जून 2019)
External links
References
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