Gurcharan Singh Bhatia
Gurcharan Singh Bhatia (Captain) (13.04.1935 - 20.10.1962) became martyr on 20.10.1962 during Indo-China War-1962. Unit: 2 Rajput Regiment.
कैप्टन गुरचरन सिंह भाटिया
कैप्टन गुरचरन सिंह भाटिया
13-04-1935 - 20-10-1962
वीर चक्र (मरणोपरांत)
यूनिट - 2 राजपूत रेजिमेंट
ढोला का युद्ध
भारत-चीन युद्ध 1962
1962 के भारत-चीन युद्ध में NEFA (वर्तमान अरूणाचल प्रदेश) के तवांग जिले में खिनजेमाने सेक्टर को सुदृढ़ करने के लिए 2 राजपूत बटालियन को ढोला क्षेत्र में तैनात किया गया था। 20 अक्टूबर 1962 को शत्रु ने तोपखाने की भारी गोलाबारी की और 2 राजपूत की मोर्टार स्थिति तोपखाने की भारी गोलाबारी में घिर गई।
कैप्टन गुरचरण सिंह भाटिया अपने बंकर से बाहर निकले और भागते हुए मोर्टार की स्थिति पर पहुंचे और त्वरित मोर्टार को सक्रिय किया। तोपखाने की गोलाबारी की आड़ में चीनी सैनिक पोस्ट की ओर आगे बढ़ रहे थे।
चीनी तोपखाने का गोला गिरने से मोर्टार चालक दल घायल हो गया, तो कैप्टन भाटिया ने स्वयं मोर्टार दागना आरंभ कर दिया। अंततः शत्रु तोपखाने की गोलाबारी ने उस मोर्टार को शांत कर दिया और कैप्टन भाटिया वीरगति को प्राप्त हुए।
कैप्टन गुरचरन सिंह भाटिया ने धैर्य युक्त साहस से अपने सैनिकों को प्रेरित किया। उन्होंने वीरता से लड़ाई लड़ी और शत्रु के समक्ष साहस और नेतृत्व का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्हें मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किया गया।
शहीद को सम्मान
गैलरी
स्रोत
बाहरी कड़ियाँ
संदर्भ
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