Kerpani Bhainsdehi
Author:Laxman Burdak, IFS (R) |



Kerpani (केरपानी) is a village in Bhainsdehi tahsil of Betul district in Madhya Pradesh.
Variants
- Kerpani (केरपानी)
Origin
Jat Gotras Namesake
- Kera (केरा) (Jat clan) → Kerpani (केरपानी) is a village in Bhainsdehi tahsil of Betul district in Madhya Pradesh.
Location
History
People
केरपानी स्थित हनुमान मंदिर
जिले में वैसे तो पवनपुत्र हनुमान जी के विभिन्ना मंदिर हैं। यहां श्रद्धालु पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं लेकिन जिले के केरपानी स्थित हनुमान मंदिर और वहां विराजी प्रतिमा की दूर-दूर तक ख्याति है। प्रदेश ही नहीं बल्कि प्रदेश के बाहर से भी श्रद्धालु वहां पहुंच कर मत्था टेकते हैं और दद्दा का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। हनुमान जयंती पर भी यहां दूर-दूर से बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं। खेड़ी-परतवाड़ा मार्ग पर बैतूल से 22 किलोमीटर दूर संकट मोचन हनुमान मंदिर में विराजित हनुमान जी की स्वयंभू प्रतिमा और उनके चमत्कार दूर-दूर तक विख्यात है। श्रद्धालुओं की यहां को लेकर यह आस्था है कि सच्ची श्रद्धा से पूजा-पाठ करने वाला यहां से कभी निराश नहीं हुआ। यह प्रतिमा गाडीझिर नामक स्थान से उत्पन्न हुई। उस समय ग्रामीणों को अनेक चमत्कार इस प्रतिमा ने दिखाए। यह प्रतिमा झल्लार ले जाई जा रही थी, लेकिन वह केरपानी से हिली भी नहीं। इसके बाद ग्रामीणों ने हुनमान सेवा समिति का गठन किया और पूर्व विधायक शिवप्रसाद राठौर को समिति का अध्यक्ष चुना गया। समिति को हनुमान जी की कृपा से सहयोग मिलता गया और अब यह स्थल संकट मोचन दरबार के नाम से प्रसिद्ध हो गया है। प्रति वर्ष हनुमान जयंती पर यहां हजारों की संख्या में भक्त यहां पूजा-अर्चना के लिए पहुचते हैं। इस मंदिर के साथ ही हनुमान जी के एक विशेष भक्त की कहानी भी जुड़ी है। संकट मोचन हनुमान मंदिर में एक आदिवासी नेत्रहीन युवक प्रति दिन केरपानी से 5 किलोमीटर दूर ताप्ती घाट पर स्नान कर ताप्ती जल लेकर हनुमान जी का अभिषेक करता था। इस भक्त पर हनुमान जी की विशेष कृपा थी। समिति अध्यक्ष श्री राठौर बताते है कि जब वह अस्वस्थ रहता था तो कुएं से बाल्टी द्वारा पानी निकालकर बगैर किसी मदद के हनुमान जी को जल अर्पित करता था। इस हनुमान भक्त को समिति ने मंदिर परिसर में यथासम्भव स्थान दिया और उसकी समाधि बनाई। यह सूरदास समाधि के नाम से जानी जाती है।
स्रोत: Nai Dunia News Network, Publish Date: Fri, 19 Apr 2019