Talk:Sarnau

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लेखक:लक्ष्मण बुरड़क, IFS, D-4/14 चार इमली. भोपाल

Discovery of abandoned site Sarnau

30-10-2005

A page on Jatland was created writing history of Burdak clan which mentions the settlement of Burdaks at Sarnau and their war with Dhakas in which they were exterminated. It was based on verbal story told me by Ladu Ram Burdak on 0-3-1996. We could exactly locate the place in the following manner.Laxman Burdak

19-3-2010

ईमेल से प्राप्त: माननीय बुरडक साहब, सादर रामराम सा. आप निश्चय ही बहुत बड़ा कार्य कर रहे हैं जाट समाज के लिए जितना कुछ बन पाता है मैं भी करने की कोशिश कर रहा हूँ . मैंने पहले भी आपको एक संदेश भेजा था शायद आपको मिला नहीं है. मैं नागौर जिले के गांव हुडील तहसील नावां का रहनेवाला हूँ. आपने जीणमाता के पास गावं सरनाऊ का उल्लेख किया है परन्तु ऐसा कोई गावं वहां पर नहीं है इसे स्पष्ट करावें. अपुष्ट हिंदी इसलिए है कि इसे पहले अंग्रेजी में सोचो तब फिर बेढंग की हिंदी बनती है जबकि हिंदी key बोर्ड ही बनना चाहिए यदि ऐसा कोई तरीका आप बता सकते हैं तो वह भी सूचित करावें .अभी मैं राष्ट्रीय बीज निगम में सेवारत हूँ . प्रेषक:- भंवर लाल बिजारनियाँ, सीकर

28-3-2010

ईमेल से जवाब: बिजारनिया जी नमस्कार. लगता है मैंने आपका पहले का पोस्ट पढ़ा नहीं है. सरनाऊ गाँव का उल्लेख बुरड़क इतिहास में आता है. ऐसा लगता है कि वे किसी तालाब के किनारे बसे होंगे. सर का मतलब तालाब होता है. वह गाँव बाद में हो सकता है उजाड़ हो गया हो. यह खोज का विषय है. मैं वहां जा नहीं पाया पर पूछ ताछ में पता लगा कि एक जगह को वहां सर बोलते हैं. शायद वही जगह हो. हिन्दी में सही लिखने का तरिका जाटलैंड पर यहाँ दिया है आप लिख सकते हैं. http://www.jatland.com/home/How_to_write_Hindi लक्ष्मन बुरड़क

13-4-2010

Thanks Bijarniya ji. I have added it to Burdak history with your reference. See Burdak. Kindly get it published in some document to your credit. Regards, Laxman Burdak

4-9-2010

माननीय बुरडक साहब , राम-राम सा । आज मैने आपके पूर्वजों के गांव सर्णावु की खोज करली है वस्तुतः यह गांव हमारे विजारनिया वंश के एतिहासिक गांव लढाना जो पलसाना से भी पहले का बसा हुवा है के नजदीक है न कि जीन्माता के पास । कोछ्होर एक गांव है जिसके लिये राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या ११ पर स्थित रानोली नामक गांव से सडक गयी है यहां से खन्डेल्सर एक गांव है उसके पास ही की एक रोही जहां पर टूटेफूटे खंडहरों के अवशेष मौजूद हैं । बस यहीं से आपके वंशजों की दास्तान जुडी हुई है । कभी इधर आवें तो कृपया संपर्क करने का कष्ट करें पूरा इतिहास अवगत हो जायेगा । ये स्थान जीन्माता से करीब् ७-८ किलोमेटेर दूर है परन्तु गांव रायपुरा के पास में है जो कोच्छोर रानोली सडक पर स्थित है |

आपने पहले अन्ग्रेजी में सोचकर हिन्दी बनने के बजाय केवल हिन्दी में लिखने की विधि सूचित की थी परन्तु वह् भी कार्गर नाहिन है उसि का यह नमुना यहां दिख रहा है मुझे यह अब तक समझ में नहीं आता कि इस्में हिन्दी का keyboard किस्कारण नहीं प्रदर्शित होता है जबकि यहां वही माध्यम होना चाहिये । आपका ही, भन्वरलाल बिजारनियां,

2-12-2010

बुरडक गोत्र का विवरण बुरड़क गोत्र का रेकॉर्ड रखने वाले उनके बड़वा (भाट) श्री भवानीसिंह राव, गाँव- महेशवास, पोस्ट- बिचून, तहसील- फूलेरा, जिला- जयपुर (फोन-09785459386) से उनके अभिलेखों (बहियों) से लेखक द्वारा दिनांक 2 दिसंबर 2010 को जयपुर में प्राप्त किया गया है.लक्ष्मण बुरड़क

12-12-2010

लेखक को यह उत्सुकत थी कि बडवे के अभिलेखों का सत्यापन मौके पर किया जाये. इस कर्य में सरनाऊ की प्रारम्भिक जानकारियां सीकर के भंवर लाल बिजारनिया द्वारा ली गयी थी. लेखक ने दिनांक 12 दिसम्बर 2010 को उनको साथ लेकर क्षेत्र देखा. सबसे पहले हर्ष, तत्पश्चात जीनमाता, जीनवास, गोठडा तगालान, विरान सरनाउ-कोट और सरनाउ गाँव देखा.लक्ष्मण बुरड़क

13-12-2010

Thus we could get complete description from Badwa's record and actual visit of the site and expand this page on Sarnau as well as the Burdak history. May see at Burdak Gotra Ka Itihas in Hindi. Laxman Burdak