Varuna River

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Author:Laxman Burdak, IFS (R)

Varuna River (वरुणा नदी) is a minor tributary of the Ganges River in Uttar Pradesh, India. It originates at Phulpur in the Allahabad district and merges into the Ganges near Sarai Mohana in the Varanasi district. The name 'Varanasi' is originated from the name of two rivers, Varuna and Assi. It is also mentioned in the Mahabharata.

Variants

History

In Mahabharata

Varuna River (वारुण) (Tirtha) is mentioned in Mahabharata (II.3.7), (III.86.10)

Sabha Parva, Mahabharata/Book II Chapter 3 describes Mainaka Parvata, north of Kailasa near Bindusara lake and Mayadanava's obtaining Devadatta vanda material, shankha and Gandiva from Vrishaparva, and dwelling of Bhagiratha. Varuna River (वारुण) (Tirtha) is mentioned in Mahabharata (II.3.7). [1].....There is also (in that lake) a large conch-shell called Devadatta of loud sound, that came from Varuna. I shall no doubt give all these to thee. Having spoken thus unto Partha, the Asura went away in a north-easterly direction.


Vana Parva, Mahabharata/Book III Chapter 86 mentions the sacred tirthas of the south. Varuna River (वारुण) (Tirtha) is mentioned in Mahabharata (III.86.10).[2]....O Bharata! And, O son of Kunti, in that spot is the tirtha called Asoka (अशॊक तीर्थ) (III.86.10) abounding in woody retreats of ascetics. And, O Yudhishthira, in the country of the Pandyas (पाण्ड्य) (III.86.10) are the tirthas named Agastya (अगस्त्य) (III.86.10) and Varuna (वारुण) (III.86.10).

वरुणा नदी

विजयेन्द्र कुमार माथुर[3] ने लेख किया है ..... 1. वरुणा नदी (AS, p.834) = वाराणसी (उत्तर प्रदेश) के निकट बहने वाली एक छोटी नदी है जिसे अब बरना कहते हैं। शहर में यह नदी उत्तर दिशा से गंगा में मिलती है। जनश्रुति है कि वरुणा और असी नदियों के बीच में बसे होने के कारण ही वाराणसी का यह नाम हुआ था।

2. वरुणा नदी (AS, p.834): वरुणा नाम की एक नदी को मध्य प्रदेश में नर्मदा की सहायक नदी कहा गया है, जो सोहागपुर स्टेशन [इटारसी-इलाहबाद रेलपथ] से कुछ मील दूर नर्मदा में मिलती है। इनके संगम पर 'वारुणेश्वर मंदिर' स्थित है और पास ही 'सिगलवाड़ा' नामक ग्राम है।

वरुणा नदी परिचय

वाराणसी का विस्तार गंगा नदी के दो संगमों वरुणा और असी नदी से संगम के बीच बताया जाता है। 'अथर्ववेद'[4/7/1] में वरणावती नदी का उल्लेख है। संभवत: यह आधुनिक वरुणा का ही समानार्थक है। 'ब्रह्मपुराण' में शिव पार्वती से कहते हैं- "हे सुखवल्लभे! वरुणा और असी इन दोनों नदियों के बीच में ही वाराणसी क्षेत्र है और उससे बाहर किसी को नहीं बसना चाहिए।"[मोतीचंद्र, काशी का इतिहास, पृष्ठ 5] अग्निपुराण में 'वरुणा' और 'असी' नदियों के बीच स्थित वाराणसी का विस्तार पूर्व से पश्चिम दो योजन और दूसरी जगह आधा योजन दिया है- द्वियोजन तु पर्व स्याद्योजनार्द्ध तदन्यथा। वरुणा च नदी चासी मध्ये वाराणसी तयो॥[अग्निपुराण, अध्याय 11, पृष्ठ 6] वाराणसी को वरुणा नदी पर स्थित बतलाया गया है।[महावस्तु, भाग 3, पृष्ठ 402]

External links

References

  1. वारुणश च महाशङ्खॊ देवदत्तः सुघॊषवान, सर्वम एतत परदास्यामि भवते नात्र संशयः, इत्य उक्त्वा सॊ ऽसुरः पार्थं पराग उदीचीम अगाद दिशम (II.3.7)
  2. अशॊक तीर्थं मर्त्येषु कौन्तेय बहुलाश्रमम, अगस्त्यतीर्थं पाण्ड्येषु वारुणं च युधिष्ठिर (III.86.10)
  3. Aitihasik Sthanavali by Vijayendra Kumar Mathur, p.