Bhandari

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Bhandari (भंडारी) gotra Jats live in Madhya Pradesh and Rajasthan.

History

बंबई

विजयेन्द्र कुमार माथुर[1] ने लेख किया है .....बम्बई, (AS, p.600) महाराष्ट्र: सोलवीं सदी तक मुंबई महानगरी छोटे-छोटे सात द्वीपों का समूह मात्र थी. प्राचीन ग्रीक भौगोलिकों ने इसी कारण इस स्थान को हेप्टेनिशिया (Haptenesia) या सप्तद्वीप नाम दिया था. दक्षिण भारतीय नरेश भीमदेव ने 15वीं सदी में महिकवती (वर्तमान महीम) में अपनी राजयसभा की थी.

1534 ई. में पुर्तगालियों ने गुजरात के सुल्तान से मुंबई को छीन लिया. इससे पहले बहादुर शाह ने इस स्थान को राजा भीमदेव के उत्तराधिकारी नगरदेव से प्राप्त किया था. मुंबई में उस समय ढेर, भंडारी तथा आदि निवासियों (कोली आदि जिनके नाम पर वर्तमान कोलाबा प्रसिद्ध है) की विरल बस्तियां थी. पुर्तगालियों ने मुंबई की स्थिति के महत्व को पहचान रखा था और उनके यहां आने पर इसकी व्यापारिक उन्नति प्रारंभ हुई.

Distribution in Madhya Pradesh

Villages in Nimach district

Nimach,

Villages in Indore district

Manpur

Villages in Ratlam district

Villages in Ratlam district with population of this gotra are:

Borkheda 1, Kalmoda 4, Kunwajhagar 1, Raoti 10,

Distribution in Rajasthan

Villages in Jodhpur district

Ghana Magra,

Villages in Tonk district

Bhanwata,

Villages in Bhilwara district

Amli Kaloosingh,

Notable persons

References

  1. Aitihasik Sthanavali by Vijayendra Kumar Mathur, p.600
  2. Jat Vaibhav Smarika Khategaon, 2010, p. 66

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