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25 September
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Gopal Singh Fandan

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Author:Laxman Burdak IFS (R)

Gopal Singh Fandan & Daulat Singh Rasheedpura

Gopal Singh Fandan (जमादार गोपाल रामजी), from village Rasheedpura (Sikar), was a leading Freedom fighter who took part in Shekhawati farmers movement in Rajasthan. He was a social worker and treasurer of Jat Boarding House Sikar, Rajasthan.[1]

जाट जन सेवक

ठाकुर देशराज[2] ने लिखा है ....जमादार गोपाल रामजी -[पृ.300] गोरे बदन शांत चेहरे और सरदारी ढंग के एक आदमी को मैं सीकर महायज्ञ के अवसर से जानता हूं। वे रसीदपूरा के जमादार चौधरी गोपालराम जी है। आपका जन्म आज से लगभग 55-56 वर्ष पहले फाण्डण गोत्र के जाट सरदार चौधरी पोथीराम जी के घर हुआ था। आप जवानी के आरंभिक दिनों में फ़ौज में भर्ती हो गए और वहां से जमादार के औहदे से पेंशन लेकर लौटे। आपके दो संतान और एक भाई है।

आप पेंशन होने के कारण सरकार विरोधी काम में तो बहुत कम फंसे किंतु कौम के लिए ठोस काम किए जाते हैं उनमें आप अगवा रहते हैं। आपको सबसे ज्यादा जाट बोर्डिंग हाऊस से प्रेम है। आपने उस में ₹1000 तो कमरे के लिए दिए हैं और ₹400 कुए के लिए वायदा किया है। इस प्रकार वे शिक्षा कार्य के लिए दान में सबसे आगे रहे हैं।

आपकी इमानदारी पर सीकरवाटी के लोगों को भारी विश्वास है। इसलिए आप ही जाट बोर्डिंग हाऊस के खजांची हैं। इसके अलावा पहले आपने सीकर महायज्ञ को सफल बनाने में भी बड़ा कार्य किया था और आड़े समय में आप हमेशा अपनी


[पृ.301] कौम के काम आते रहते हैं।

आप खुश मिजाज तथा हंसते स्वभाव के आदमी हैं। पार्टी बंदी के कामों से सदा दूर रहते हैं। समाज सुधार के कामों में सबसे आगे रहते हैं और खुद भी कुरीतियों को छोड़कर सूरीतियों का पालन करते हैं। यही उनकी विशेषता है।

पुष्कर सम्मलेन

सन 1925 में पुष्कर सम्मलेन के पश्चात् शेखावाटी में दूसरी पंक्ति के जो नेता उभर कर आये, उनमें आपका प्रमुख नाम हैं [3]

बाहरी कड़ियाँ

References

  1. Thakur Deshraj:Jat Jan Sewak, 1949, p.300-301
  2. Thakur Deshraj:Jat Jan Sewak, 1949, p.300-301
  3. राजेन्द्र कसवा: मेरा गाँव मेरा देश (वाया शेखावाटी), जयपुर, 2012, ISBN 978-81-89681-21-0, P. 100

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