Shipra River

From Jatland Wiki
(Redirected from Shipra)
Jump to navigation Jump to search

The Shipra, also known as the Kshipra, is a river in Madhya Pradesh.

Origin

The river rises in Ujjaini situated in Indore district, and flows north across the Malwa Plateau to join the Chambal River at the MP-Rajasthan border in Mandsaur district.

Importance

It is one of the sacred rivers in Hinduism. The holy city of Ujjain is situated on its east bank. Every 12 years, the Sinhastha fair (Kumbh Mela) takes place on the city's elaborate riverside ghats, as do yearly celebrations of the river goddess Kshipra. There are hundreds of Hindu shrines along the banks of the river Shipra.

Shipra is a perennial river. Earlier, there used to be plenty of water in the river. Now the river stops flowing a couple of months after the monsoon.


शिप्रा नदी - हिन्दी में वर्णन

शिप्रा या 'सिप्रा' नदी उज्जयिनी के निकट बहने वाली नदी है। वर्तमान में यह क्षिप्रा नदी के नाम से अधिक प्रसिद्ध है। यह चम्बल नदी की सहायक नदी है। 'मेघदूत' में इस नदी का उज्जयिनी के सम्बन्ध में उल्लेख है-

दीर्घीकुर्वनपटुमदकलंकूजितं सारसानां, प्रत्यूपेषु स्फुटित कमलामोदमैत्री।
कषाय:, यत्र स्त्रीणां हरति सुरतग्लानिमंगानुकूल: शिप्रावात: प्रियतम इवं प्रार्थनाचाटुकार:॥

अर्थात् "अवंती में शिप्रा-पवन सारसों की मदभरी कूक को बढ़ाता है, उषा:काल में खिले कमलों की सुगन्ध के स्पर्श से कसैला जान पड़ता है। स्त्रियों की सूरतग्लानि को हरने के कारण शरीर को आनन्ददायक प्रतीत होता है और प्रियतम के समान विनती करने में बड़ा कुशल है।

'रघुवंश' में भी महाकवि कालीदास ने इन्दुमती स्वयंवर के प्रसंग में शिप्रा की वायु का मनोहर वर्णन किया है-

अनेन यूना सह पार्थिवेन रम्भोरुकच्चिन्मनसो-रुचिस्ते।
शिप्रातरंगानिलकम्पितासुविहर्तुमुद्यानपरम्परासु।।

इन्दुमती की सखी सुनंदा अवंतिराज का परिचय कराने के पश्चात् उससे कहती है- "क्या तेरी रुचि इस अवंतिनाथ के साथ (उज्जयिनी के) उन उद्यानों में विहरण करने की है, जो शिप्रातरंगों से स्पृष्ट पवन द्वारा कम्पित होते रहते हैं।"

External Links

References


Back to Rivers/Rivers in Madhya Pradesh/Rivers in Rajasthan