Malakuta
Author:Laxman Burdak, IFS (R) |
Malakuta (मालकूट) was a region in far south where Tamraparni River and Kritamala rivers were flowing.
Origin
Variants
History
मालकूट
विजयेन्द्र कुमार माथुर[1] ने लेख किया है ....मालकूट (AS, p.738) सुदूर दक्षिण का प्रदेश जिसमें ताम्रपर्णी और कृतमाला नदियां प्रवाहित होती हैं. चीनी यात्री युवानच्वांग ने इस देश का अपनी यात्रावृत में वर्णन किया है. 640 ई. में दक्षिण भारत की यात्रा के समय यह कांची आया था और यहीं मालकूट के विषय में उसने सूचना प्राप्त की थी. वह यहां स्वयं न जा सका था. ऐसा जान पड़ता है कि मालकूट में उस समय पांड्यों का राज था जो कांची के शक्तिशाली पल्लवों के अधीन रहे होंगे. मदुरा यहां की राजधानी थी यद्यपि युवानच्वांग ने उसका उल्लेख नहीं किया है. उसके लेख के अनुसार मालकूट में बौद्ध धर्म लुप्त हो गया था. यहां उस समय हिंदू देवालय और दिगंबर जैन मंदिर सहस्रों की संख्या में थे. यहां के व्यापारी दूर-दूर देशों से व्यापार करने में व्यस्त रहते थे.