Ramana
- For village see Ramana Kaithal
Author:Laxman Burdak, IFS (R) |
Ramana (रमण) was a janapada mentioned in Mahabharata. Ramana (रमण) was a Forest mentioned in Mahabharata, north of Dwarka near Venuman Parvata.
Origin
Variants
- Ramanavana (रमण) (AS, p.777)
- Ramana Vana (रमण वन) (AS, p.777)
History
In Mahabharata
Ramana (रमण) in Mahabharata (I.60.21),
Adi Parva, Mahabharata/Book I Chapter 60 gives genealogy of all the principal creatures. Ramana (रमण) in Mahabharata (I.60.21).[1].....And Soma's son is the resplendent Varchas. And Varchas begot upon his wife Manohara three sons--Shishira, Prana and Ramana.
रमण
रमण (1) (AS, p.777) = Ramatha (रमठ)
रमण (2) (AS, p.777) = रमण वन रमण नामक एक प्राचीन वन का उल्लेख महाभारत, सभापर्व में हुआ है-'भाति चैत्ररथं चैव नंदनं च महावनम् रमणं भावनं चैव वेणुमंतः संमततः।' महाभारत, सभापर्व 38 दाक्षिणात्य पाठ. महाभारत, सभापर्व के उपरोक्त उद्धरण में 'रमण' नामक वन को द्वारका के उत्तर की ओर स्थित वेणुमान पर्वत के निकट बताया गया है। [2]
रमठ = रामठ = रमण
विजयेन्द्र कुमार माथुर[3] ने लेख किया है ...रमठ अथवा 'रामठ' अथवा 'रमण' (AS, p.777) नामक एक प्राचीन स्थान का उल्लेख महाभारत, भीष्मपर्व में हुआ है- 'सकृद्ग्रहाः कुलात्याश्च हूणाः पारसिकैः सह, तथैव रमठाश्चीनास्तथैव दशमालिकाः।' महाभारत, भीष्मपर्व 9, 16. 'द्वारपालं च तरसा वशे चक्रे महाद्युतिः रामठान् हारहूणांश्च प्रतीच्याश्चैव ये नृपाः।' महाभारत, सभापर्व 35, 12. द्वितीय उद्धरण में उल्लिखित 'द्वारपाल' का अभिज्ञान ख़ैबर दर्रे से ओर 'हारहूण' का दक्षिण पश्चिम अफ़ग़ानिस्तान से किया गया है। इसी आधार पर 'रमठ' या 'रामठ' को ग़ज़नी का प्रदेश माना गया है। 'रमठ' का पाठांतर 'रमण' है। संस्कृत के कवि राजशेखर ने कन्नोजाधिप महीपाल (9वीं शती ई.) द्वारा विजित प्रदेशों में रमठ की गणना की है। इनमें 'मुरल', 'मेखल', 'कलिंग', 'केरल', 'कुलूत' और 'कंतल' भी हैं।
In Mahabharata
Ramana (रमण) (I.60.21)
Adi Parva, Mahabharata/Book I Chapter 60 gives the genealogy of all the principal creatures: Ramana (रमण) is mentioned in verse (I.60.21). [4]....And Soma's son is the resplendent Varchas. And Varchas begot upon his wife Manohara three sons--Sisira, and Ramana.
External links
References
- ↑ सॊमस्य तु सुतॊ वर्चा वर्चस्वी येन जायते, मनॊहरायाः शिशिरः प्राणॊ ऽथ रमणस तथा (I.60.21)
- ↑ Aitihasik Sthanavali by Vijayendra Kumar Mathur, p.777
- ↑ Aitihasik Sthanavali by Vijayendra Kumar Mathur, p.777
- ↑ सॊमस्य तु सुतॊ वर्चा वर्चस्वी येन जायते, मनॊहरायाः शिशिरः पराणॊ ऽथ रमणस तथा (I.60.21)