Murunda

From Jatland Wiki
Author:Laxman Burdak, IFS (R)

Murunda (मुरंड) were the Indo-Scythian people mentioned in Puranas.

Origin

Variants

Muranda (मुरंड) दे. Kuranda (कुरंड) (AS, p.751)

History

Murundas in Puranas

Vishnu Purana - Mundas have been mentioned as Marúńd́as as rulers of Magadha in Vishnu_Purana/Book_IV:Chapter_XXIV[1] along with Sarúńd́as and Purúńd́as. Vishnu Purana[2] gives list of Kings who ruled Magadha. ...After these, various races will reign, as seven Ábhíras, ten Garddhabas, sixteen Śakas, eight Yavanas, fourteen Tusháras, thirteen Mundas, eleven Maunas, altogether seventy-nine princes , who will be sovereigns of the earth for one thousand three hundred and ninety years.

Total--85 kings, Váyu; 89, Matsya; 76, and 1399 years, Bhág.

Here Sunda and Munda words have been sanskritized in these forms, like Jat as Jarta and Gujar as Gurjara.

मुरंड

विजयेन्द्र कुमार माथुर[3] ने लेख किया है ...मुरंड (AS, p.751).... दे. Kuranda (कुरंड)

कुरंड

विजयेन्द्र कुमार माथुर[4] ने लेख किया है ...कुरंड (AS, p.205) कुरंड देश का उल्लेख महाभारत, कर्णपर्व में हुआ है, जहाँ इसे केरल के निकट स्थित बतलाया गया है- 'कारस्करान्माहिष्कान् कुरंडान केरलांस्तया, कर्कोटकान् वीरकांश्च दुधंर्मांश्च विवर्जयेत्।' महाभारत, कर्णपर्व 44, 33. उपर्युक्त प्रसंग से जान पड़ता है कि कुरंड लोगों के देश की स्थिति दक्षिण भारत में केरल के निकट थी। कुरंड लोग अनार्य जातीय रहे होंगे, क्योंकि इन्हें विवर्जनीय बताया गया है। संभव है कि कुरंड और मुरंड एक ही हों। मुरंड लोग शक जातीय थे और इनका निवास महाराष्ट्र के प्रदेश में था। समुद्रगुप्त की प्रयाग प्रशस्ति में 'शक मुरंडों' का उल्लेख हुआ है।

External links

References

  1. The Vishnu Purana, translated by Horace Hayman Wilson, 1840, p. 475
  2. Vishnu Purana/Book IV:Chapter XXIV pp.474-476
  3. Aitihasik Sthanavali by Vijayendra Kumar Mathur, p.751
  4. Aitihasik Sthanavali by Vijayendra Kumar Mathur, p.205