Rajendra Singh Krishnia

Rajendra Singh Krishnia (25.06.1983 - 03.12.2019) became martyr on 03.12.2019. He was from Hardiya-Ki-Dhani Dhaharwala in Khetri tahsil of Jhunjhunu, Rajasthan. Unit - 2 Jat Regiment
हवलदार राजेंद्र सिंह कृष्णिया
हवलदार राजेंद्र सिंह कृष्णिया
नं - 3197046F
25-06-1983 - 03-12-2019
वीरांगना - श्रीमती सरोज देवी
यूनिट - 2 जाट रेजिमेंट
ऑपरेशन रक्षक
हवलदार राजेंद्र सिंह का जन्म राजस्थान के झुंझुनूं जिले की खेतड़ी तहसील के हरड़िया की ढाणी ढहरवाला गांव में श्री रोहताश कृष्णिया एवं श्रीमती रजकौरी देवी के परिवार में हुआ था। 31 दिसंबर 2001 को वह भारतीय सेना की जाट रेजिमेंट में रंगरूट के रूप में भर्ती हुए थे।
प्रशिक्षण के पश्चात उन्हें 2 जाट बटालियन में सिपाही के पद पर नियुक्त किया गया था। वर्ष 2003 में उनका विवाह हुआ था। अपनी बटालियन में विभिन्न परिचालन परिस्थितियों और स्थानों पर सेवाएं देते हुए वह हवलदार के पद पर पदोन्नत हो गए थे।
दिसंबर 2019 में, हवलदार राजेंद्र सिंह की यूनिट 2 जाट बटालियन को जम्मू-कश्मीर में तैनात किया गया था। बटालियन के सैनिक कुपवाड़ा जिले के तंगधार सेक्टर में अग्रिम चौकियों पर तैनात थे। इनकी चौकियां दुर्गम, ऊंचाई के क्षेत्रों में स्थित थीं। चौकियों पर निगरानी रखने के अतिरिक्त, बटालियन ने चौकियों के मध्य के क्षेत्र की सुरक्षा के लिए नियमित सशस्त्र गश्त आरंभ की। शीत ऋतु में भारी हिमपात ने चौकियों पर तैनात सैनिकों के लिए कार्य को और अधिक चुनौतीपूर्ण बना दिया। शीत ऋतु में इस क्षेत्र में अप्रत्याशित हिमस्खलन का भी संकट था।
3 दिसंबर 2019 को ऐसा ही एक भयानक हिमस्खलन 2 जाट बटालियन की ईगल चौकी पर हुआ। इस हिमस्खलन में हवलदार राजेंद्र सिंह, सिपाही कमल कुमार और सिपाही अमित कुमार के साथ चौकी पर तैनात सैनिक टनों हिम के ढेर में दब गए। सेना द्वारा त्वरित विशेष प्रकार के उपकरणों से सुसज्जित टीम के साथ रक्षण अभियान चलाकर उन्हें निकाला गया। किंतु उस समय तक हवलदार राजेन्द्र सिंह और सिपाही कमल कुमार वीरगति को प्राप्त हो चुके थे। हवलदार राजेन्द्र सिंह 15 दिन पूर्व ही अवकाश व्यतीत कर बटालियन में पहुंचे थे।
6 दिसंबर को हेलिकॉप्टर से उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा था। विशाल शोभायात्रा निकालने के पश्चात पूर्ण सैन्य सम्मान से उनका अंतिम संस्कार किया गया था।
शहीद को सम्मान
बाहरी कड़ियाँ
गैलरी
संदर्भ
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