Pichkya

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Pichkya (पिच्क्या) Pichkiya (पिचकिया) Pinchkiya/Pinchkya (पिंचकिया) Gotra Jats are found in Madhya Pradesh and Rajasthan.

Origin

Pichkya clan appears to get name from king Pinchadeva mentioned in Rajatarangini.

Pichua village

History

Rajatarangini[1] tells us ...In 1127 king Sussala was murdered. ....Induraja, a commander in the army, born of the line of Kularaja was also surrounded by the same Damaras ; but by some pretext Induraja obtained the protection of Tikka at Dhyānoddāra. Pinchadeva and many other leaders of the army were besieged by the Damaras and they left Kramarajya. (p.123) (PinchadevaPichkya)


Rajatarangini[2] tells us ... At this time, in the mouth of Shravana, the grateful king (Simhadeva) went to Vijayeshvara to welcome the victorious lord of Kampana. In the meantime Utpala who was coming from Pinchadeva at Shurapura was murdered by the lord of Dranga in a mountain cavern. He was returning from Pushpananada in order to serve Pinchadeva, when he was found out by the lord of Dranga who was secretly looking out for him. But the lord of Dranga was thrown on the ground and was on the point of death. His knee was pierced with arrow. He killed a soldier of the enemy's party whom he found by him. (p.136)

Distribution in Rajasthan

Villages in Jodhpur district

Khangta (5), Khejarla,

Villages in Nagaur district

Gowa Kalan, Guriya Nagaur, Palari Pichkiyan, Shankhwas, Siradhana,

Villages in Pali district

Bajhakudi, Chandawal, Dhundhala, Karoliya,

Distribution in Madhya Pradesh

Villages in Dhar district

Sat Talai,

Villages in Dewas district

Hatpipalya

Villages in Khargone district

Katkut

Villages in Barwani district

Barwani,

Villages in Sehore district

Amarpura Sehore,

Villages in Shajapur district

Khadi Shajapur,

Distribution in Gujarat

Villages in Kheda district

Kheda Gujarat

Notable Persons

स्व. श्री जगन्नाथ जी सेठ (पिचक्या) बड़ी टवलाई तहसील मनावर जिला धार के निवासी थे । ये कॉटन जिनिंग प्रेस धामनोद जिला धार एमपी के अध्यक्ष रहे थे । यह काटन के बड़े व्यापारी तथा क्षेत्र के बड़े किसान थे । इनका अपने क्षेत्र में अलग ही प्रभाव था । यह बहुत बड़े व्यापारी तथा बड़े कृषक होने के साथ साथ एक अच्छे समाज सेवी भी थे । इनकी तीन पत्नियां थीं । पहली पत्नी के एक पुत्र स्व. श्री राजाराम जी एवं पुत्री स्व. श्रीमती गुलाब बाई थीं । दुसरी पत्नी के दो पुत्र स्व. श्री नरेन्द्र और स्व.. श्री बखतावर जाट , पुत्रियां स्व. कु.गोगल बाई , स्व. श्रीमती सरजुबाई ब्राले (तलून जिला बड़वानी) , श्रीमती बेबी बाई निमड़ (दुधिया,इंदौर) एवं श्रीमती मुन्नीबाई (करई (कस्बा), खरगोन तथा तीसरी पत्नी के एक संतान स्व. श्रीमती बच्ची बाई सिंगड़, ग्राम कोठड़ा जिला धार थी ।

जगन्नाथ सेठ के पुत्र स्व.श्री राजाराम जी का विवाह ग्राम गांगलगढ़ वर्तमान नाम ग्राम गांगली तहसील मनावर जिला धार के निवासी स्व. श्री प्रताप जी पटेल की पुत्री स्व. श्रीमती नानी बाई के साथ सम्पन्न हुआ था । प्रताप जी पटेल के कोई पुत्र नहीं था, अतः: राजाराम जी इनके यहां घर जमाई बनकर आ गये थे । राजाराम जी का परिवार वर्तमान में सात तलाई जिला धार तथा बड़वानी नगर में निवासरत हैं ।

External links

References


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