Isran

From Jatland Wiki
Jump to navigation Jump to search

Isran (इसरान)[1] Ishran (इशरान) is gotra of Jats found in Rajasthan.[2]They had joined Parihar Confederation.

Origin

Isran Gotra got fame after their ancestor Isar Rai in about middle of 13th century.

History

ईसराण गौत्र का इतिहास

ईसराण गौत्र का यह इतिहास प्रो. हनुमानाराम ईसराण (Mob: 9414527293, Email:<hrisran@gmail.com>) द्वारा उपलब्ध कराया गया है। ये तथ्य बही भाट श्री कानसिंह गांव ढेंचवास, पोस्ट:चौसाला वाया डिग्गी, तहसील: मालपुरा, जिला:टोंक (राजस्थान) की बही में अभिलिखित है।

ईसराण का गौत्रचारा

ईसराण गोत्र की वंशावली:

ईसराण गोत्र के प्रथम महापुरुष/संत पुरूष श्री महिदास जी हुए।

महिदास जी के 65 पीढ़ी उपरांत श्री पुरूषोतम नामक सिद्ध पुरुष हुए।

श्री पुरूषोत्तम जी के चार पुत्र हुए जिनसे निम्नानुसार जाट चार गोत्र प्रसिद्ध हुये :-

1. ज्ञानाराय ----ज्याणी
2. जोरराज----झूरिया
3. हेमराज----हुड्डा
4. ईसरराय---ईसराण

ईसरराय:- पृथ्वीराज चौहान के शासन काल में सन 1192 में श्री ईसरराय जी ने पश्चिमी राजस्थान में एक स्थान पर कुआं और बावड़ी खुदवा कर ईसराणों गांव बसाया। श्री ईसरराय ने ईसराण गोत्र को प्रसिद्धि दिलवाई।

ईसरराय के दो पुत्र थे:- 1. आशाराम (अविवाहित/ निःसंतान), 2. कालूराम,

कालूराम के तीन पुत्र:- 1.भैराराम, 2.सुखाराम, 3. कानाराम

कानाराम के दो पुत्र थे: 1. गोरूराम (अविवाहित/ नि:सन्तान), 2. मालाराम

मालाराम ने 1322 ई. में मालगांव बसाया। इनके 6 पुत्र थे जिनके नाम ये थे:- 1. श्यामुराम, 2. पीथाराम, 3. नन्दराम, 4. सुरताराम 5. मेदाराम 6. छाजाराम

छाजाराम सन् 1572 में मालगांव छोड़कर गांव ताखालसर तहसील- फतेहपुर जिला- सीकर में आकर बस गए।

छाजाराम ईसराण की वंश पुरुषावली:- 1. जयराम, 2. नेतराम, 3. दानाराम, 4. परसाराम, 5. मोटाराम, 6. सेवाराम

मेघसर गाँव में ईसराण परिवार का आगमन

चाहर गोत्र के जाटों द्वारा बसाए गए मेघसर गाँव ( तहसील-जिला- चूरू ) में जाटों में सबसे पहले बाहर से आकर बसने वालों में ईसराण गोत्र के जाट थे। मुख्य रूप से चाहर गोत्र के जाटों से आबाद मेघसर गाँव में ताकलसर गाँव ( तहसील- फतेहपुर, जिला- सीकर ) के रहवासी "'श्री मोटाराम ईसराण"' का विवाह संवत 1849 ( सन 1792 ई. ) में इस गाँव के चाहर गोत्र के परिवार की लड़की सुखी से हुआ। तीन-चार साल बाद उनके पुत्र हुआ जिसका नाम था श्री सेवाराम ईसराण, जो कि इस गांव में चाहर गोत्र के भाणजे हुए। श्री मोटाराम अपनी पत्नी श्रीमती सुखी ( चाहर गोत्र ) व बेटे श्री सेवाराम ईसराण के साथ मेघसर में बस गए और यहाँ के स्थायी निवासी हो गए।

श्री सेवाराम ईसराण के 6 पुत्र थे, जिनके नाम ये थे:- 1. श्री लिखमाराम 2. श्री देवाराम 3. श्री लालाराम ( इनके एक पुत्री थी ) 4. श्री कालूराम ( बचपन में मृत्यु ) 5. श्री सुखाराम ( निःसंतान ) 6. श्री मुकनाराम ( निःसंतान ) स्व. लिखमाराम व स्व. देवाराम ईसराण के बेटे-पोतों-पड़पोतों की संतति मेघसर गांव में अभी आबाद है। स्व. लिखमाराम के बेटे स्व. पेमाराम के छः बेटों में से तीन बेटे सर्व श्री पदमाराम, सोहन एवं छतुराम सन 1976 के आसपास यहाँ से गाँव भोजासर छोटा ( तहसील सरदारशहर ) जाकर बस गए।

लिखमाराम के इकलौते पुत्र का नाम श्री पेमाराम था

पेमाराम के 6 पुत्र हुए जिनके नाम ये हैं:- 1.श्री पदमाराम, 2.श्री बेगाराम, 3. श्री अनोपसिंह, 4. श्री हणमान, 5. श्री सोहन, 6. श्री छतुराम

देवाराम के 5 पुत्र थे जिनके नाम ये हैं:-

1. नोरंगराम (इनके इकलौते पुत्र का नाम बिड़दा राम )
2. चेतनराम (इनके दो पुत्रों के नाम श्री जमनाराम व भैराराम )
3. अरजनराम (इनके दो पुत्र एवं चार पुत्रियां । पुत्रों के नाम : हनुमानाराम ईसराण व हरफूल ईसराण । पुत्रियों के नाम:- रत्ती, जमना, सजना, कमला)
4. इंद्राराम (इनके पांच पुत्रों के नाम:- उदाराम, रामेसर, गोरूराम, गणपत, तेजाराम)
5. भूराराम (इनके पांच पुत्रों का नाम:- किसनाराम, साँवताराम, भगूता राम, प्रताप, विद्याधर)

महिदास से हनुमानाराम ईसराण तक वंशावली:

1. महिदास (50 ई.) → → → → → → 66. पुरूषोतम → 67. ईसरराय (ईसरराय, 1250?: ईसराण गौत्र के प्रवर्तक) → 68. कालूराम → 69. कानाराम → 70. मालाराम (1322 ई. में मालगांव बसाया) → 71. छाजाराम (सन् 1572 में मालगांव से ताखलसर आए) → 72. मोटाराम (विवाह सन् 1849 में मेघसर में चाहर गोत्र में) → 73. सेवाराम (मेघसर बसे) → 74. देवाराम → 75. अरजनराम → 76. हनुमानाराम ईसराण (b:25.1.1956)

नोट: यदि एक पीढ़ी का काल 25 वर्ष माना जावे तो ईसराण गोत्र के प्रथम महापुरुष/संत पुरूष श्री महिदास का समय 1950 - 1900 (76x25) = 50 ई. के आस-पास बैठता है। यह समय भारत में कुषाणवंश जाटराज्य (40 ई० - 220 ई०) का है।

=

Distribution in Rajasthan

Villages in Churu district

Dhani Doongarsinghpura, Ginri Patta Rajpura, Meghsar (28),

Villages in Hanumangarh District

Shri Dungarsinghpura

Notable persons

H R Isran
  • H R Isran - Mob: 9414527293, Retired from Department of College Education ,Rajasthan, Former Syndicate Member at University of Rajasthan, Jaipur Worked at Lohia College Churu. Former Principal at R. N. Ruia Govt College, Ramgarh - Shekhawati. Former Principal at S K Govt College,Sikar, Rajasthan University. Former Principal,Dept Of College Education, Rajasthan at Govt. Bangur College Didwana. He is from Meghsar, Churu, Rajasthan
  • Bhumika Isran - From Meghsar, Meritorious student. Kendriy Madhyamik Shiksha Board 10th class - 2010, Merit list, from Central School Churu, Grade 9.4
  • Sunita Isran - Dhani Doongarsinghpura, Churu, Bronze Medal in 1500 metre race

External links

References


back to Jat Gotras