Deshwal

From Jatland Wiki

Deshwal

(Deswal, Deswal, Deswali, Desali, Desiwal, Deshvar, Deshwar, Dasval)

Location  : Punjab, Madhya Pradesh, Rajasthan, western Uttar Pradesh and Haryana

Country  : India

Languages : Punjabi, Haryanvi, Rajasthani

Religion  : Hinduism

Deswal (देसवाल) Deshwal (देशवाळ)[1] Deswal (देसवाल) Deswali (देसवाली)[2] Desali (देसाली)[3][4] Desiwal (देसीवाल)[5] Deshvar (देशवार) Deshwar (देशवार)[6] Dasval (दसवाल)[7] is a gotra of Jats found in Punjab, Madhya Pradesh, Rajasthan, western Uttar Pradesh and Haryana in India. This gotra originated from Haryana and were known as Deswali due to their permanent settlement there. [8] They were supporters of Chauhan Confederacy.

Origin

History

Ram Swarup Joon[10] writes that....Deshwal gotra is even smaller than the Dalal gotra and people belonging to this gotra are found scattered all over Haryana. They have a few villages in Bhatinda and some in Bahawalpur State and Rohtak. The genealogical tables prepared by the bards of these four gotras are incorrect because they called them the descendants of Dhanna, when gotras like "Mann and Sihag existed long before Dhanna Rao.


The History Of Bamrolia Jats mentions the presence of Deshwal Gotra Jats around Agra/ Mathura region in the 11th century and Origin of Gangoli Village in Distt Jind/ Sangroor (before Haryana came into existence in 1966, It was part of Distt. Sangroor) is believed to be 850 years old. There is a mention of Distt Record at Sangroor in this regard. [11]

The dynasty of Bamrolia belongs to the Deswali clan of Jats and traces its descent from Jai Singh, who acquired territories near Bairat, south of Alwar. Loyal to Emperor Anang Rao Puar, he received the hereditary title of Rana in ca 1068, together with the usual Royal insignia of a parasol and chamra or yak-tail. A century later, his descendent Rana Palun Singh, transferred his allegiance to Prithvi Raj Chauhan, and was slain beside him in 1175. Rana Birhan Pal, son of Palun, settled at Bamroli, near Agra in 1195. It is from this place that the family derives their name. His descendants ruled there until driven out by the Mughal Governor of Agra in 1367. Rana Ratan Pal, eighth in descent from Birhan Pal, joined the service of the Tuar ruler at Gwalior. His son supported Raja Barsingh Dev of Gwalior, helping him to win his independence from their Muslim overlords in 1375. He married a Jat lady and later settled at Baghthurra, near Gohad. [12]

This gotra is even smaller than the Dalal gotra and people belonging to this gotra are found scattered all over Haryana. The genealogical tables prepared by the bards of these four gotras are incorrect because they called them the descendants of Dhanna Jat, when gotras like Mann and Sihag existed long before Dhanna Rao.


According to the history narrated by Bhats, the Deswals are considered to be the descendents of Prithvi Raj Chauhan. The Indian history, however, does not acknowledge the fact that Maharaja Prithvi Raj Chauhan was a Jat. This needs an intensive research. Many Jat clans find their origins from Chauhans. It is most probable that Chauhans were a short of federation of clans which included Jat clans along with other warrior clans.

H.A. Rose [13] writes that The Deswal sections are : — Goriya, Chauhan and Kanakwal — all Raput clans. In History some people assume them a branch of Ahir clan also.

The place of Origin of the Deshwal/Deswal Gotra is believed to be Village Ladhaut/ Ladhot, also Known as Ladhaut Bhayapur. It is believed to be one of the ancient villages in the region. It is located in District Rohtak, about 7 Km from Sukhpura Chowk Rohtak and 10 km from Purani Anaj Mandi Rohtak. The village is surrounded by Kiloi, Dhamad, Makrauli Khurd, Makrauli Kalan, Bohar and Bhalauth. [14]

H A Rose writes that Deswal (देसवाल), 'men of the country,' a Jat tribe, sprung from the same stock as the Dalal. They are most numerous in Rohtak, Gurgaon,and Karnal. In Mewar and Ajmer, Musalman Raputs are called Deswal, and are hardly recognised as Rajputs. [15]

देसवाल गोत्र का इतिहास

पंडित अमीचन्द्र शर्मा[16]ने लिखा है - कोड खोखर नामका सरदार उदयपुर रियासत में रहता था। वह चौहान संघ में था और वहाँ से चलकर ददरेड़े नामक गाँव में आ बसा। बाद में वह पल्लूकोट में आ बसा। पल्लूकोट और ददरेड़ा दोनों मारवाड़ में हैं। कोड खोखर की वंशावली निम्नानुसार है:

1. वीर राणा, 2. धीर राणा, 3. पल्लू राणा, 4. कोड खोखर राणा

कोड खोखर के 4 पुत्र हुये – 1. मान, 2. सुहाग, 3. देसा, 4. दलाल

  • 1.मान की संतान मान गोत्र के जाट कहलाए,
  • 2.सुहाग की संतान सुहाग गोत्र के जाट कहलाए,
  • 3.देसा से देसवाल गोत्र के जाट कहलाए,
  • 4.दलाल से दलाल जाट गोत्र प्रचलित हुआ।

पंडित अमीचन्द्र शर्मा[17]ने लिखा है - देसवाल गोत्र का प्रवर्तक देसा भी चौहान संघ में था । वह कोड खोखर का पुत्र और सुहाग का सहोदर भाई था। देसवाल गोत्र जाटों के बहुत से गाँव हैं।

Villages founded by Deshwal clan

Deswal Khap

लेखक----मानवेन्द्र सिंह

देशवाल खाप: लाढ़ौत गॉव जिला रोहतक से देशवाल गोत्र का निकास माना जाता है । भारत में देशवाल खाप के 127 गांव हैं जिनमें यूपी में 48 गांव हैं।वर्तमान समय मे इस खाप के प्रधान चौधरी राजेंद्र सिंह जी है। चौधरी राजेन्द्र सिंह जी उत्तरप्रदेश के शाहजुडडी गॉव से है

आज से 126 वर्ष पूर्व खाप के मुखिया बाबा चौधरी अमीचन्द की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद खाप पंचायत के रीति रिवाज़ के अनुसार अमीचन्द के पुत्र भरत सिंह को पगडी पहनायी जानी थी । जिस समय भरत सिंह को पगडी पहनायी जा रही थी उसी समय उनके भाई कूडेसिंह की आकस्मिक मृत्यु हो गयी थी। जिसके बाद यह कार्यक्रम अपशकुन मानते हुए टाल दिया गया था । और तब से यह पगडी राजेन्द्रसिंह के परिजनों के घर मे एक धरोहर के रूप मे रखी हुई थी। इस पुश्तेनी पगड़ी को सन 2012 ईस्वी में राजेंद्र सिंह को पहना कर खाप का मुखिया बनाया गया था।

प्राय: देखा गया है की गैर राजनैतिक दलों समूहों, खाप पंचायतों मैं समान्तर संगठन और पदाधिकारी देखने को मिलते हैं ! उसी प्रकार से देशवाल खाप संगठन के बारे मैं भी कहा जा सकता है ! हरयाणा, राजस्थान और कुछ उत्तरप्रदेश के देशवाल गोत्र के लोगों ने लाढ़ौत भैयापुर, जिला रोहतक मैं ही इस संगठन के प्रधान पद की वयवस्था की हुई है ! यह सर्वमान्य है की देशवाल गोत्र के जाटों का निकास स्थान गांव लाढ़ौत जिला रोहतक है ! कुछ ३५-४० पहले जिला जींद के गांव गंगोली मैं एक पंचायत मैं निर्णय लिया था कि गोत्र के सबसे पुराने गांव के किसी वयक्ति को खाप का नेतृत्व करना चाहिए।और लाढ़ौत गांव के श्री रतन सिंह को प्रधान नयुक्त किया था! तब से लेकर आज तक देशवाल गोत्र का नेतृत्व लाढ़ौत गांव के कोई वयक्ति करते हैं ! वर्तमान मैं लाढ़ौत भैयापुर (लाढ़ौत गांव मैं दो पंचायत हैं, लाढ़ौत और भैयापुर) के श्री शिवधन सपुत्र श्री हरिसिंह प्रधान हैं !


खाप के उत्तरप्रदेश में गॉव: उत्तरप्रदेश में देशवाल गोत्र के कुछ जाट दिशवार(दिसवार) भी लिखते है

टिटौली, बसेडा, शाहजुडडी, अजरोई , बबनपुर, बघेवा खुर्द और कलां , भालपुर, बासेड़ा, बुद्धा हेडी ,चक घरणी , ढिढाला , गजरजुरा , हरिपुर खेमपुर , जमालपुर ज्वाली, कल्लाहेड़ी , बधेव,कलयाणपुर , कंब्रोवाला , कटीरपुर , मानपुर , लाढूपुर , मोड़ कलां , मोड़ खुर्द , कुरलकी , सदरपुर , नारायणपुर , रामपुर , छिब्रू, सांधन, सोटी की नगला , सतीपुर नगली , सिकुड़ , टीफ , वजीरपुर , ,बुढ़सैनी ,झुंडपुरा,कालाहेड़ी ,कुरलकी ,जौहरपुर ,कुरैल की देवन ,भूपा राकरा , कसेरवा खुर्द और कलां, नगला सेखु (बुलंदशहर ),रामपुरा (बुलंदशहर ) ,बरसौ (बुलंदशहर ),रामचेला ,कजरौठी ,मीतई,वज़ीरपुर ,कटियारपुर ,मिलाना (मुस्लिम देशवाल ) मलिकपुर , मोम्मदपुर ,मोहनपुर,नाहडा टेहरी,मन्ना खेडी


हरियाणा में गॉव:

अटोला, शेरमलपुर , बिहोली , लहरपुर , मडलौडा , त्योळे , थिराणा , मंडीपुर खेड़का गूजर, दुल्हेड़ा, भदाणी, सुरहैती, जैसोर खेड़ी, खड़खड़ी, अनूपगढ़­ , भाग खेड़ा, धरौली , गांगोली, हाडवा, पिल्लूखेड़ा, सिवाना-मा­ल, लाढौत, बलियाणा , घिलौड़, अमरपुर , सराय सूखी, खेड़ी दमकन, गंगाणा, सैदापुर , बकरवाल , किरमच , होली , शेरगढ़ , बोहरा , अलदूका, घोड़ी चांड (चांट ) , लालपुर अंटा,ढोखी ,महावती ,अमरपुर ,माहरा ,स्यादपुर


राजस्थान:

राजस्थान में देशवाल गोत्र वर्तमान पलवल जिले के घोड़ी गॉव से आकर आबाद हुआ हैं। देशवाल गोत्र के तीन भाई राजस्थान के भरतपुर जिले कि नदबई तहसील के लुहासा मे आकर बसे आज लुहासा ग्राम में देशवाल गोत्र के जाट नही है। लुहासा से देशवाल जाटों ने भदीरा ग्राम बसाया फिर समय के साथ भदीरा से दूसरे ग्राम बसे भदीरा के समीप ही देशवाल गोत्र के 12 गॉव है दो गॉव दौसा जिले में है देशवाल गोत्रीय जाटों की बाहुल्यता के कारण यह क्षेत्र देशवाली(देशवारी) बोला जाता है|

भरतपुर में -भदीरा ,कैलोरी, नाहरौली देशवार, उसेर ,रोनीजा ,एंचेरा और नगला देशवाल !भदीरा से बाबा कन्हैया नाहरौली में आकर बसें और नाहरौली देशवार बसा पहले नाहरौली में सिनसिनवार हुआ करते अब नाहरौली गाँव के दो गाँव है एक नाहरौली ठाकुर और एक नाहरौली देशवार है ! दौसा में देशवाल गोत्र के दो भाई (समसपाल और शीशपाल ) भदिरा गॉव से करौली जिले में जाकर बसे वहा से यह भाई वापस आये और दौसा जिले कि महुवा तहसील में बसे दोनों भाई के नाम पर दो गॉव बसे समसपाल के नाम पर समसपुर और शीशपाल के नामा पर शीशवाड़ा गॉव बसा । '

राजस्थान':

भरतपुर में -भदीरा ,कैलोरी, नाहरौली देशवार, उसेर ,रोनीजा ,एंचेरा और नगला देशवाल,घेरा ,दौलतपुर अलवर -बेरका बड़का ,मुंडीया ,रामपुरा ,भजीट,घोसराना दौसा -समसपुर ,शीशवाडा जयपुर जिले -रामजीपुरा

Distribution in Uttar Pradesh

List of 47 villages in Uttar Pardesh with Deswal pupulation is as under:

Ajroi, Babanpur, Baghewa Kalan, Baghewa Khurd, Basheda, Bhalpur, Budha Heri, Budh Dhar Kheri, Budpur, Budhesaini, Chakgharni, Chandpur, Chaudhri Balyani, Dhidala, Gajar Jura (Hardwar), Haripur-Khempur, Jamalpur Mahipat, Jhundpur, Joharpur, Jwali, Kadka Bhupa Rakra, Kallaheri, Kalyanpur, Kambrowala, Kasherwan Kalan (Muzaffar Nagar), Katiarpur (Bijnore), Keshwan Khurd, Khama-Chandpur, Klhempur (Narmomadpur), Kundhanpur, Kuralki ( Saharanpur), Kurel Ki Devan, Ladu Pur, Malikpur, Manpur (Aligarh), Mommudpur, Mohanpura, Mor Kalan, Mor Khurd, Mor Sadarpur, Nahara, Narayanpur, Pundari, Rampura (Bulandshahar), Sandhen, Satipur Nangli, Shiva Jurri, Sikur(Hathras), Soti Ki Nangal, Teef, Tehri Titoli, Wazeerpur


Villages in Muzaffarnagar district

Deswal Gotra is also found in villages of Muzaffarnagar district of Uttar Pradesh.

Badhev, Kaserva Kalan, Dudhadhari Kheri, Basera, Titoli,

Villages in Baghpat district

Jhundpur,

Villages in Bijnor district

Budpur

Villages in Mathura district

Chhibrau, Jatipura,

Villages in Saharanpur district

Kalaheri, Kuralki,

Villages in Rampur district

Loharri Tanda (10),

Villages in Meerut district

Chirori,

Villages in Bulandshahr district

Mohammadpur Nar,

Distribution in Uttrakhand

Villages in haridwar district

Distribution in Haryana

Villages in Panipat district

Atawala, Biholi, Laharpur, Kurad, Madlauda, Mahawati, Thirana,

Villages in Jhajjar district

Villages in Jhajjar district: Kherka Gujjar (खेड़का गूजर), Dulehra (दुल्हेड़ा), Bhadani भदाणी, Kheri Asra (खेड़ी आसरा), Surheti (सुरहैती), Asaudha (आसौदा), Jakhauda (जाखौदा), Fatehpuri Jhajjar (फतेहपुरी), Madana (few families) Jassaur Kheri (जैसोर खेड़ी), Talao (तलाव), Zahidpur (जहादपुर/झादपुर)

Villages in Rewari district

Village in Rewari district are: Dohaki (डोहकी), Kharkhari Bhiwan (खड़खड़ी भीवां), Tanki,

Villages in Jind district

Anoopgarh (अनूपगढ़), Anta (अन्टा), Bhag-Khera (भागखेड़ा), Dharoli (धड़ोली), Gangoli (गांगोली), Hadwa (हाडवा), Kamach Khera (कमास खेड़ा), Karsindhu (करसिन्धु), Khera Khemawati (खेड़ा खेमावती), Mohammad Khera (महमूद खेड़ा), Siwana Mal (सिवाना माल), Telli Khera (तेली खेड़ा),

Villages in Rohtak district

Villages in Rohtak district are: Ladhaut (लाढौत), Baliana (बलियाणा), Gharouli, Ladhaut Bhayapur, Ghilod Kalan,

Chuliana (few families) Kahnaur (few families) Kahni (25-30 families) Kalanaur (few families) Patwarpur (few families), Sanghi (5 families), Maham (15-20 families) [18]

Villages in Karnal district

Amarpur, Indri,

Villages in Charkhi Dadri district

Bond Kalan

Villages in Hisar district

Garhi Azima (गढ़ी अजिम्मा) Kheri Gangan (खेड़ी गंगन)

Villages in Kurukshetra district

Sarai Sukhi,

Villages in Sonipat district

Gangana (गंगाणा), Gorar (गोरड़), Mahra (माहरा), Kheri Damkan (दमकन खेड़ी उर्फ जोली खेड़ी), Saidpur (सैदपुर),

Villages in Yamunanagar district

Bakarwal ,

Villages in Bhiwani district

Chang (चाँग) (a few families only)

Villages in Ambala district

Holi, Lalten, Shergarh Ambala,

Villages in Faridabad district

Bohra, Badhun Java, Ghori/ Ghoodi Chant, Piala (प्याला), Pondary,

Villages in Nuh (formerly Mewat) district

Aldyoka (आलदोका मेवात)

Villages in Palwal district

Balai (बलई), Baroka Palwal (बारोका) Dudola (दुधौला), Ghori Palwal (घोड़ी पलवल), Kairaka (करूवाको), Lalpur Qadim (ललपुरा कदीम), Pondri (पोण्डरी), Sadarpur (सदरपुर), Sujwari (सुजवाड़ी),

Distribution in Delhi

Ranikhera (रानीखेड़ा) (few families),

Distribution in Punjab

They have a few villages in Bhatinda and some in Bahawalpur village.

Distribution in Madhya Pradesh

They are found in Bilpan village of Astha and Bhopal in Madhya Pradesh.

Villages in Gwalior District

Deshwar clan found in: Gadaipura,

Villages in Narsinghpur District

Barman Kalan,

Distribution in Rajasthan

They live in Nadbai, Vijwari towns in Bharatpur, Jaipur districts. Also found in Sangariya in Hanumangarh district. DESHWAL Villages in Rajasthan, List of 25 villages :

Aychira, Bhadona, Bhorpatepur, Bizwari, Budhwari, Chhabar, Daulatpur (Mathura), Dhanli, Ishwar, Jagta ( Near Sanghyawar) Jhugrar, Kachroti, Kailuri, Kethi Molinder, Kushera, Manohli, Muria, Nahrauli, Pobhaya, Pogan, Ronnija, Samapur, Satubika Nangal, Shishvari, Tadwa, User

Villages in Bharatpur district

Arauda, Bhadira, Budhwari (100), Enchera, Kailoori , Nadbai, Roneeja, user, Kheri Devisingh, Luhasa, Nahroli, Nahroli Deshwar, Nagla Deshwar,

Villages in Alwar district

Badka, Bhajeet, Mala Khera,

Villages in Dausa district

Samaspur, Sheeswara,

Villages in Jaipur district

Jhag (3), Hirnoda (5), Ramjipura Khurd (70)

Villages in Baran district

Ghaghonia,

Deshwal village in Nagaur district

Deshwal (देशवाल) is also the name of a a medium-size village in Merta City tehsil of Nagaur district in Rajasthan → Deshwal Nagaur.

Notable persons

  • Baba chaudhary Harikrishan Deshwal -- Head of Deshwari
  • Veerendra Pal Singh Deshwal--Teacher
  • Upendra Pal Singh Deshwal--
  • Dr.Renu Kumari Deshwal-----Historian
  • Acharya Haridatt Deswal - Founder and Patron, Gurukul Bhaiyapur Ladhot
  • Kaptan Singh Deshwal (कप्तान सिंह देशवाल) (b:1958) - Author of Deshwal Gotra ka Itihas
  • Jeetendra Singh Deshwal- Enchera Wale
  • Dr. Santram Deswal - Academician, Author
  • Yashpal Singh Nahroli---co founder of Maharaja Surajmal Seva Saghatan
  • Sandeep Deshwal - Advocate And Youth Leader of Rashtriya Lok Dal. From village Kasherwa Kalan, District Shamli. Mob.- 9411032555 Email- sandeepch1994@gmail.com
  • Dr. Kalyan Singh Deshwal - (President NIMA).
  • Dr Alam Singh Deshwal (डॉ आलमसिंह देशवाल) - Professor and ex. Dean & HOD of Civil Engineering, Jodhpur.
  • Dayanand Deswal
  • Jai Singh Deswal - Famous advocate district court kurukshetra.
  • Jasbir Deswal - MLA
  • Subhash Deswal - MLA
  • Virendra Singh (Deshwar) - ACADEMIC HEAD NIFA, Bikaner, Date of Birth: 19-November-1978, Present Address : 5-D-40, JNV Colony, Bikaner-334003 Rajasthan, Phone: 0151-2233560, Mobile:9414657801, Email Address : virench2006@yahoo.co.in
  • Ravindra Singh Choudhary (Deshvar) - J. En. RSEB, Date of Birth : 24-July-1968, Present Address : 125- Nandpuri Civil Lines Jaipur, Phone Number : 0141-2212013, Mob : 9828433487
  • Surjit Singh Deshwal - Senior IPS, Commissioner Gurgaon range.
  • Rajbir Singh Deshwal - Senior IPS, Currently DIG, CID Haryana and writer of repute, specially in Haryanvi.
  • Yaduveer Singh Deshwal - E&C ENGINEER VILLAGE SAMASPUR DAUSA RAJASTHAN.
  • Dr Santram Deswal - Famous author penned half dozen books of poetry esp. on History and Culture of Haryana. (Mob. No. 09812296226).
  • Dr Rajkala Deswal - Associate Professor(Hindi) and Vice Principal of Govt College , Murthal, Haryana with a flair for Haryanvi and Hindi poetry. Awarded with Sursodharsi Samman by Haryana Sahitya Academy.
  • Udit Deswal- Power Grid Corporation of India Ltd, Gurgaon.
  • Deepika Deswal - Deputy Manager:HR at ITM University, Gurgaon.
  • Major Amit Deswal (मेजर अमित देशवाल) from village Surehti, Jhajjar district Haryana was a Martyr of militancy in an encounter with Zeliangrong United Front (ZUF) militants in Manipur’s Tamenglong district.
  • Asmita Deswal: Serving as Judicial Magistrate/Civil Judge, 2013 batch, Posted at Panchkula. Native: Rohtak, Haryana.
  • Yashaswini Singh Deswal
  • Late Shri Sanjay Deshwal ( Dharoli) - District welfare officer .
  • Sh. Kuldeep Deshwal - Retd Inspector and a very reputed social activist in Sonipat District . Originally hails from Dharoli and elder brother of late Sh.Sanjay Deshwal.
  • Sh. RAMCHANDER Deshwal( Dharoli) - Social Activist and Former member of haryana Goshala Sangh. Spent Decades in serving Goshalas and in Cows Welfare through various efforts.
  • Jai Singh Deshwal - HOD department of budhist Studies , Delhi University.
  • Kamaldeep Deshwal - Assistant Manager ( PSU).

Gallery of Deshwal people

External links

References


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